
मुर्दाघर की रौशन दुनिया कर देंगे
तुम जागे तो मुर्दे हत्या कर देंगे
लाशें, मोहरे, कठपुतली या भाषणबाज़
बड़ा बनाकर तुमको क्या-क्या कर देंगे
ठगों के झगड़ों में क्या सच क्या झूठ भला
ये तो बस हर रंग को धुंधला कर देंगे
तुम सोचोगे तुम्हे प्रकाशित कर डाला
चारों जांनिब घुप्प अंधेरा कर देंगे
जिनके लिए अच्छाई है सिर्फ़ अदाकारी
वो हर बढ़िया चीज़ को घटिया कर देंगे
तुम कैसे हो इससे इनको क्या लेना
सोचो तुमको घोषित क्या-क्या कर देंगे
-संजय ग्रोवर
28-03-2016