ग़ज़ल
इक बच्चे ने जब देख लिया
इक बच्चे ने
सब देख
लिया
ये बड़े तो
बिलकुल छोटे
हैं!
इक बच्चे ने
कब देख
लिया ?
अब किससे छुपते
फिरते हो
?
इक बच्चे ने
जब देख
लिया
अब क्या रक्खा
है क़िस्सों
में
इक बच्चे ने
जब देख
लिया
जब करते थे
ऊंचा-नीचा
तुम्हे बच्चे ने
तब देख
लिया
अब हैरां हो
तो होते
रहो
इक बच्चे ने
तो देख
लिया
है तुम्ही ने
उसमें ज़हर
भरा
इक बच्चे ने
अब देख
लिया
मिल-जुलके जो
भी करते
हो
बच्चे ने अकेले
देख लिया
मारो पीटो बदनाम
करो
पर देख लिया
तो देख
लिया
-संजय ग्रोवर
10-04-2018