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| Photo By Sanjay Grover |
आओ सच बोलें
दुनिया को खोलें
झूठा हंसने से
बेहतर है रो लें
पांच बरस ये, वो
इक जैसा बोलें
अपना ही चेहरा
क्यों ना ख़ुद धो लें
राजा की तारीफ़
जो पन्ना खोलें !
क्या कबीर मंटो-
किस मुह से बोलें !
सबको उठना है-
सब राजा हो लें ?
वे जो थे वो थे
हम तो हम हो लें
बैन करेगा क्या
ख़ुद क़िताब हो लें
-संजय ग्रोवर
01-10-2018
